गुजरात में बड़ा राजनीतिक फेरबदल:गुजरात में मुख्यमंत्रीगुजरात में बड़ा राजनीतिक फेरबदल भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारियाँ तेज़ हो गई हैं। 17 अक्टूबर को दोपहर 12:39 बजे विजय मुहूर्त में शपथग्रहण होने की संभावना है। गांधीनगर में राजनीतिक गतिविधियाँ तेज़ हो गई हैं।
गुजरात में मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी, 17 अक्टूबर को हो सकता है शपथग्रहण
गांधीनगर से बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात के मंत्रिमंडल के विस्तार का काउंटडाउन शुरू हो गया है। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, 17 अक्टूबर दोपहर 12:39 बजे विजय मुहूर्त में नए मंत्रियों का शपथग्रहण समारोह आयोजित किया जा सकता है।
राजधानी गांधीनगर में इन संकेतों के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
सभी विधायकों को गांधीनगर बुलाया गया
संभावित विस्तार को देखते हुए भाजपा दंडक कार्यालय की ओर से सभी विधायकों को अगले दो दिनों में गांधीनगर पहुँचने के निर्देश दे दिए गए हैं। दिवाली के कारण अपने-अपने क्षेत्रों में गए अधिकांश विधायक अब राजधानी की ओर रवाना हो रहे हैं।
कैबिनेट बैठक रद्द, मुख्यमंत्री मुंबई दौरे पर
मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलों के बीच आज होने वाली कैबिनेट बैठक रद्द कर दी गई है। माना जा रहा है कि नई कैबिनेट के गठन के बाद ही अगली बैठक आयोजित की जाएगी। वहीं, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल कल मुंबई के दौरे पर रहेंगे। फिलहाल विधायकों के साथ कोई औपचारिक संवाद नहीं हुआ है।
राज्यपाल भी लौटे, संकेत तेज हुए
राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने भी अपना दौरा रद्द कर 15 अक्टूबर की रात गांधीनगर लौटने का निर्णय लिया है। इसे भी शपथग्रहण की संभावित तारीख के नज़दीक आने का संकेत माना जा रहा है।
कौन बाहर, कौन अंदर? 10 मंत्रियों की छुट्टी के संकेत
सूत्रों के अनुसार, नई कैबिनेट में 20 से 22 सदस्यों को जगह मिल सकती है। इनमें से करीब 10 मौजूदा मंत्रियों की हकालपट्टी के संकेत हैं, जबकि 5 मंत्री अपने पद पर बने रहेंगे लेकिन उनके विभागों में बदलाव हो सकता है।
माना जा रहा है कि हटाए जाने वाले मंत्रियों से राजीनामे 16 अक्टूबर तक लिए जा सकते हैं, और इसके बाद केंद्रीय नेतृत्व गुजरात आकर विस्तार को अंतिम रूप देगा।
दिल्ली बैठक के बाद बढ़ी अटकलें
प्रधानमंत्री निवास पर हुई अहम बैठक के बाद मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और संगठन प्रभारी रत्नाकर ने दिल्ली में रात्रि विश्राम किया था। इस बीच मुख्यमंत्री का कृषि महोत्सव कार्यक्रम भी रद्द कर दिया गया, जिससे राजनीतिक अटकलें और तेज़ हो गई हैं।
निष्कर्ष
गुजरात की राजनीति में आगामी 17 अक्टूबर का दिन बेहद अहम साबित हो सकता है। नए मंत्रिमंडल के गठन से न केवल संगठनात्मक संतुलन साधने की कोशिश होगी, बल्कि आगामी चुनावी रणनीति का भी संकेत मिल सकता है।

