दीवाली 2025 कब है? जानिए पुष्य नक्षत्र से लेकर लाभ पंचमी तक के शुभ मुहूर्त, पूजा का समय और धार्मिक महत्व। लक्ष्मी पूजन, धनतेरस, गोवर्धन पूजा और नए वर्ष की तिथियों की पूरी जानकारी।
दीवाली 2025 के शुभ मुहूर्त: पुष्य नक्षत्र से लाभ पंचमी तक पूरी जानकारी
भारत का सबसे बड़ा और उज्जवल पर्व दीवाली इस वर्ष 2025 में विशेष संयोग लेकर आ रहा है। यह पर्व न केवल धन, सुख और समृद्धि का प्रतीक है, बल्कि नए वर्ष और नए आरंभ का भी प्रतीक माना जाता है। आइए जानते हैं दीवाली 2025 के सभी महत्वपूर्ण दिन, तिथियां और शुभ मुहूर्त।
विशेष तिथियाँ और दीवाली 2025 का महत्व
पुष्य नक्षत्र (14-15 अक्टूबर 2025)
शुभ मुहूर्त:
14 अक्टूबर – सुबह 11:55 से दोपहर 1:50 तक
15 अक्टूबर – सुबह 6:40 से 9:30 तक
महत्व:
इस दिन नए कार्य, सोना-चांदी या शुभ वस्तुओं की खरीदारी करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
धनतेरस (18 अक्टूबर 2025)
शुभ मुहूर्त:
दोपहर 12:25 से 4:40 तक
शाम 6:15 से 7:35 तक
रात्रि 10:35 से 2:50 तक
महत्व:
इस दिन भगवान धनवंतरि की पूजा होती है। लोग इस दिन सोना, चांदी और बर्तन खरीदते हैं ताकि घर में सुख-समृद्धि बनी रहे।
काली चौदस (19 अक्टूबर 2025)
महत्व:
इस दिन भगवान हनुमान और महाकाल की पूजा की जाती है। बुरी शक्तियों से रक्षा के लिए यह दिन अत्यंत प्रभावी माना जाता है।
दीवाली एवं लक्ष्मी पूजन (20 अक्टूबर 2025)
शुभ मुहूर्त:
शाम 3:46 से 6:05 तक
रात 11:58 से सुबह 4:10 तक
महत्व:
दीवाली की रात मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व होता है। यह दिन धन, वैभव और सौभाग्य का प्रतीक है।
पड़वा एवं गोवर्धन पूजा (21 अक्टूबर 2025)
शुभ मुहूर्त:
सुबह 9:35 से दोपहर 3:15 तक
महत्व:
यह दिन गोवर्धन पर्वत की पूजा और भाई-दूज के प्रारंभ का दिन माना जाता है।
नववर्ष (विक्रम संवत 2082 – 22 अक्टूबर 2025)
शुभ मुहूर्त:
सुबह 6:40 से 9:30 तक
दोपहर 11:00 से 12:20 तक
महत्व:
गुजरात और पश्चिम भारत में यह दिन नववर्ष के रूप में मनाया जाता है। व्यापारी नए खाते (चोपड़ा पूजन) शुरू करते हैं।
लाभ पंचमी (26 अक्टूबर 2025)
शुभ मुहूर्त:
सुबह 8:10 से दोपहर 12:20 तक
दोपहर 1:50 से 3:10 तक
महत्व:
यह दिन व्यापारिक कार्यों की शुरुआत और सफलता के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
निष्कर्ष:
दीवाली 2025 का यह पावन पर्व कई शुभ संयोगों से भरपूर रहेगा। यदि आप नए कार्य की शुरुआत, निवेश या पूजा का विचार कर रहे हैं, तो ऊपर दिए गए मुहूर्तों का पालन करें और अपने जीवन में धन, स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि का स्वागत करें।


