
Ajay Rai : लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने यूपी में बड़ा बदलाव किया है. वाराणसी में पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ मोर्चा संभालने वाले अजय राय को यूपी का अध्यक्ष बनाया गया है. Ajay Rai पिंडरा से विधायक भी रह चुके हैं.
लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने यूपी में बड़ा बदलाव किया है. वाराणसी में पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले Ajay Rai को यूपी का अध्यक्ष बनाया गया है. अजय राय वाराणसी की पिंडरा सीट से विधायक भी रह चुके हैं. कांग्रेस महासचिव गोपाल ने अजय राय का नियुक्ति पत्र जारी किया है. अब तक यूपी की कमान बृजलाल खाबरी के हाथ में थी. अजय 2012 में कांग्रेस में शामिल हुए। इसके बाद 2014 और 2019 में कांग्रेस ने वाराणसी से नरेंद्र मोदी के खिलाफ उम्मीदवार उतारे. इस बीच 2017 और 2022 में भी अजय राय को वाराणसी के पिंडरा से टिकट दिया गया.
Ajay Rai राजनीतिक जीवन की शुरुआत
बीजेपी से की राजनीतिक जीवन की शुरुआत अजय राय, जो पहले भी सपा में थे, ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत बीजेपी से की थी. अजय राय 1996 से 2009 तक बीजेपी से जुड़े रहे. 1996 में अजय राय वाराणसी के कोलअसला (अब पिंडरा) से विधायक बने। 2009 में बीजेपी नेताओं से मतभेद के चलते अजय राय ने पार्टी छोड़ दी. इसके बाद अजय राय सपा में शामिल हो गये। उन्होंने 2009 में सपा की ओर से लोकसभा चुनाव भी लड़ा लेकिन हार गये। अजय राय ज्यादा दिन तक सपा में नहीं टिक सके।
इसके बाद अजय राय कांग्रेस में शामिल हो गये. 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने नरेंद्र मोदी के खिलाफ अजय राय को मैदान में उतारा था. इस चुनाव में केजरीवाल के पिछड़ने से अजय राय तीसरे स्थान पर चले गये. 2017 के विधानसभा चुनाव में अजय राय ने पिंडरा से चुनाव लड़ा लेकिन हार गए। 2019 में कांग्रेस ने फिर दिया पीएम मोदी के खिलाफ टिकट. इस चुनाव में भी उनकी हार हुई.


